About me



हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम निशांत शर्मा है। अभी मेरी उम्र २५ साल है। मैं वैसे तो फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ पर कुछ समय से दिल्ली में रह रहा हूँ। दिल्ली एक अच्छा शहर है यहाँ बहुत कुछ है घुमने के लिए और ये भारत की राजधानी भी है इसलिए ये सत्ता का भी केंद्र है। खेर में अपनी बात पर आता हूँ। मुझे इन्टरनेट पर सर्फिंग करना बहुत पसंद है और मेरा कोई भी दिन इन्टरनेट को इस्तेमाल किये बिना नहीं जाता है।

मेरे पास कोई बहुत सारा पैसा नहीं है न ही कोई कार, मैं बस एक साधारण सा इन्सान हूँ जैसे आप सब हैं बस मेरे पास मेरे दोस्त हैं और मेरी प्यारी फॅमिली है, मेरे पापा एक हस्तकलाकार हैं वे कांच के खिलोने बनाते हैं, और मेरी मम्मी हैं जो मुझसे बहुत प्यार करती हैं और मेरा एक भाई और एक बहन भी है। कुलमिलाकर मैं इस दुनिया में बहुत खुश हूँ और हमेशा रहना चाहता हूँ और ऊपर वाले से प्रार्थना करना हूँ की वह सबको खुश रखेंगें।


मेरी कहानी 

मैं एक 9-7 की जॉब करता था एक अच्छी कंपनी में वहाँ में एक MIS-Coordinator था और पुरे दिन MS-Excel पर काम करता रहता था मुझे आज भी वो दिन अच्छी तरह से याद हैं, जब में सुबह तैयार हो कर ऑफिस के लिए जाता था और शाम होते-होते इतना थक जाता था कि कुछ भी करने की हिम्मत नहीं होती थी पर फिर भी मुझे वो जॉब बहुत पसंद थी और आज भी में उन दिनों को बहुत मिस करता हूँ।

पर मैं कुछ अलग हट कर करना चाहता हूँ जैसा की दुसरे लोग करते हैं अपनी जिंदगी में कुछ ऐसा कर सकू जिससे मुझे अच्छा लगे और मैं अपनी जिंदगी अपने हिसाब से जी सकूँ। मुझे नयी चीजें करना का बहुत शौक है और पड़ने का भी शौक है, वैसे मैंने अपनी स्कूल की पड़ाई में कोई तीर नहीं मारा आज तक, पर फिर भी मुझे तकनीकी, सफलता, जोश, इंस्पिरेशन से सम्बंधित लेख पड़ना बहुत पसंद है।



इस ब्लॉग की शुरुआत कैसे हुई

आज कल आपको किसी भी विषय में कुछ भी जानकारी चाहिये हो तो आप उसे इन्टरनेट पर सर्च करके उसके बारे में पड़ सकते हैं, बस एक छोटी सी परेशानी है की यहाँ ज्यादातर सब कुछ इंग्लिश में ही होता है और हम में से बहुत सारे लोगो को इंग्लिश पड़ने में परेशानी होती है आखिर हम भारतीय हैं और हमारी मात्र भाषा हिंदी है इसलिए हमारे लिए इंग्लिश थोड़ी परेशानी बनती है मेरे लिए भी इंग्लिश पड़ना आसन नहीं हैं मुझे भी बहुत परेशानी होती है, पर अधिकतर लोगों को इंग्लिश पड़ना आती है क्यूंकि हम कक्षा 2-3 से ही इंग्लिश पड़ते आ रहे हैं, फिर भी अपनी भाषा में पड़ने का अपना ही मज़ा होता है क्यूँ है कि नहीं।

मैंने इस ब्लॉग की शुरुआत सिर्फ इसलिए की मैं जो पड़ता हूँ उसे हिंदी में रूपांतरित करके उसे हम सबके लिए पड़ने के लिए पोस्ट कर सकूँ। मैं पूरी कोशिश करता हूँ कि मैं लिखे गए अपने पोस्ट में साफ और सुथरे शब्दों का ही प्रयोग करूँ जिससे उनको पड़ना और समझाना आसन हो।



मैं उम्मीद करता हूँ कि आप सबको मेरी ये कोशिश पसंद आयेगी और आपका मुझे साथ मिलेगा।

आप चाहे तो मुझे अपना दोस्त बना सकते हैं फेसबुक पर , मेरी फेसबुक आईडी है nishantamrah@hotmail.com
या आप सीधे भी क्लिक कर सकते हैं https://www.facebook.com/nishantgraph

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धन्यवाद।

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